भागदौड़ और तनावपूर्ण रूटीन की वजह से पुरुषों में शुक्राणुओं (स्पर्म्स) की गुणवत्ता घट रही है. स्पर्म काउंट कम होने से उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी 90 फ़ीसदी समस्याएं शुक्राणुओं की कमी के कारण होती हैं. बता दें कि स्पर्म काउंट का सीधा संबंध खानपान से है. डायट जितनी अच्छी होगी, स्पर्म काउंट उतना बेहतर ही होगा. विज्ञान के मुताबिक, स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 स्पर्म्स (शुक्राणु) बनते हैं. जानिए कितनी देर जिंदा रहते हैं स्पर्म.from Latest News वेलनेस News18 हिंदी https://ift.tt/2Js0wXm
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Thank You. We will Come Back To You soon